उत्तर प्रदेश

भर्ती परीक्षाओं में नहीं होगी कोई चूक, योगी सरकार ने सुरक्षा इंतजामों के लिए खोला खजाना

Ratna Netam
5 Aug 2026 5:39 PM IST
भर्ती परीक्षाओं में नहीं होगी कोई चूक, योगी सरकार ने सुरक्षा इंतजामों के लिए खोला खजाना
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने अनुपूरक बजट में इस उद्देश्य के लिए कुल **66.38 करोड़ रुपये** का विशेष प्रावधान किया है। यह राशि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष एवं भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली उपलब्ध हो सके।
हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार लगातार परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में सरकार ने तकनीकी संसाधनों के विस्तार, डिजिटल सुरक्षा और गोपनीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए यह बजटीय प्रावधान किया है।
अनुपूरक बजट के तहत **उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)** को **20.19 करोड़ रुपये** दिए गए हैं। इस राशि का उपयोग आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) व्यवस्था को आधुनिक बनाने में किया जाएगा। आयोग की वेबसाइट पर आवेदन प्रक्रिया, एडमिट कार्ड डाउनलोड और परीक्षा परिणाम जारी होने के दौरान लाखों अभ्यर्थियों के एक साथ लॉगिन करने से अक्सर सर्वर पर अत्यधिक दबाव पड़ जाता है, जिससे वेबसाइट धीमी हो जाती है या तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि से नए सर्वर, आधुनिक कंप्यूटर हार्डवेयर और आवश्यक सॉफ्टवेयर खरीदे जाएंगे। साथ ही पूरे आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक सक्षम बनाया जाएगा। इस परियोजना को **यूपीडेस्को (उत्तर प्रदेश विकास प्रणाली निगम लिमिटेड)** के माध्यम से विकसित किया जाएगा। नए सर्वर और अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों के स्थापित होने के बाद आयोग की वेबसाइट हाई इंटरनेट ट्रैफिक को आसानी से संभाल सकेगी, जिससे अभ्यर्थियों को आवेदन और परीक्षा परिणाम देखने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
वहीं **उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC)** को भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए **46.19 करोड़ रुपये** दिए गए हैं। यह राशि ‘**गुप्त सेवा व्यय**’ शीर्ष के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मद का किसी खुफिया या जासूसी एजेंसी से कोई संबंध नहीं है। इसका उद्देश्य केवल परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखना, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाना है।
इस धनराशि का उपयोग प्रश्नपत्रों की सुरक्षित छपाई, सुरक्षित परिवहन, गोपनीय भंडारण, निगरानी प्रणाली को मजबूत करने तथा परीक्षा संचालन से जुड़े संवेदनशील कार्यों में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम होगी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
इसके अलावा राज्य सरकार ने पारंपरिक उद्योगों और वस्त्र क्षेत्र को भी बड़ी राहत दी है। अनुपूरक बजट में **खादी, हथकरघा और टेक्सटाइल क्षेत्र** के विकास के लिए **140 करोड़ रुपये** का प्रावधान किया गया है। इस राशि से टेक्सटाइल पार्कों का विकास, हथकरघा एवं बुनकर प्रोत्साहन योजनाओं का विस्तार, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पूंजीगत निर्माण कार्य तथा औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसमें **125 करोड़ रुपये पूंजीगत मद** और **करीब 15 करोड़ रुपये राजस्व मद** के तहत स्वीकृत किए गए हैं।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बुनकरों, कारीगरों, उद्यमियों और पारंपरिक उद्योगों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार इस अतिरिक्त बजटीय प्रावधान से टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सरकार का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी और सुरक्षा संबंधी सुधारों के साथ-साथ उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाले ये फैसले प्रदेश के युवाओं और उद्यमियों दोनों के लिए लाभकारी साबित होंगे। इससे एक ओर प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
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